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macbook air m5 : Apple यूजर्स को बड़ा झटका! भारत में iPad-MacBook हुए ₹1 लाख तक महंगे

macbook air m5

macbook air m5 : दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी असर डालने लगी है। AI आधारित डेटा सेंटरों के तेजी से विस्तार और मेमोरी चिप्स की रिकॉर्ड मांग के कारण वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग अभूतपूर्व लागत संकट से गुजर रहा है। इसी का असर अब दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल एपल (Apple) पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कंपनी ने अपने कई प्रमुख उत्पादों, विशेषकर iPad और MacBook की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अमेरिका में इन डिवाइसों की कीमतें 300 डॉलर तक बढ़ाई गई हैं, जबकि भारतीय बाजार में कुछ हाई-एंड मॉडल करीब एक लाख रुपये तक महंगे हो गए हैं।

एपल का कहना है कि उसने लंबे समय तक बढ़ती लागत का बोझ खुद उठाया, ताकि ग्राहकों पर अतिरिक्त भार न पड़े। लेकिन अब मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कीमतों में आई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण यह संभव नहीं रह गया है। कंपनी के अनुसार AI सेक्टर की तेज रफ्तार ने DRAM और स्टोरेज चिप्स की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे सप्लाई प्रभावित हुई और निर्माण लागत में लगातार इजाफा हुआ। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में iPhone समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं। इस बदलाव का असर केवल एपल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री, स्मार्टफोन बाजार और पीसी बिक्री पर भी दिखाई देगा। एपल ने गुरुवार को अमेरिका में अपने iPad और MacBook की कीमतों में 300 डॉलर तक की वृद्धि करने की घोषणा की। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है, जहां कई मॉडल पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि AI डेटा सेंटरों के निर्माण के कारण मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। सीमित सप्लाई और बढ़ती मांग के चलते चिप्स की लागत तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण उत्पादों की कीमतों में संशोधन करना पड़ा।

किन उत्पादों की कीमतें बढ़ीं?

Apple iPad Price Hike 2026 एपल ने फिलहाल iPhone की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन MacBook और iPad की कई श्रेणियों में बढ़ोतरी लागू कर दी है। कंपनी के सबसे सस्ते लैपटॉप “Neo” की शुरुआती कीमत 599 डॉलर से बढ़ाकर 699 डॉलर कर दी गई है। वहीं 512GB MacBook Air की कीमत में 200 डॉलर और 1TB MacBook Pro की कीमत में 300 डॉलर की वृद्धि की गई है। इसके अलावा HomePod स्मार्ट स्पीकर के दोनों संस्करणों और Apple TV सेट-टॉप बॉक्स भी महंगे हो गए हैं।

शेयर बाजार पर भी दिखा असर

iPad Price Increase कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया भी सामने आई। एपल के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि प्रतिस्पर्धी कंपनी Dell के शेयरों में 8 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लागत आने वाले समय में पूरी टेक इंडस्ट्री की कमाई और बिक्री को प्रभावित कर सकती है।

AI कंपनियों को मिली प्राथमिकता

MacBook Air Price Hike माइक्रोन जैसी मेमोरी चिप निर्माता कंपनियां पिछले कुछ महीनों से एनवीडिया जैसी AI कंपनियों के बड़े ऑर्डरों को प्राथमिकता दे रही हैं। AI सर्वर और डेटा सेंटरों के लिए भारी मात्रा में मेमोरी चिप्स की आवश्यकता होने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए उपलब्ध सप्लाई कम हो गई है। परिणामस्वरूप लैपटॉप, टैबलेट और अन्य गैजेट्स बनाने वाली कंपनियों की लागत लगातार बढ़ रही है।

ग्राहकों को बचाने की कोशिश अब तक जारी थी

एपल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी ने अब तक बढ़ती लागत का बोझ खुद उठाया ताकि ग्राहकों को अतिरिक्त कीमत न चुकानी पड़े। लेकिन अब कंपोनेंट्स की कीमतों में जिस तेजी से इजाफा हुआ है, वह पहले कभी नहीं देखा गया। यही कारण है कि कंपनी को आखिरकार अपने कई प्रमुख उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा।

क्या iPhone भी महंगा होगा?

iPhone Price Hike News बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल iPhone की कीमतें स्थिर रखी गई हैं, लेकिन भविष्य में इनमें भी बढ़ोतरी हो सकती है। रिसर्च फर्म IDC की वरिष्ठ रिसर्च डायरेक्टर नबीला पोपल के अनुसार iPhone लंबे समय तक इस लागत संकट से अछूता नहीं रह पाएगा। संभावना है कि नए मॉडल की लॉन्चिंग के बाद कंपनी कीमतों में संशोधन कर सकती है।

क्या है “रैम-एगेडन”?

मॉडर्न गैजेट्स में इस्तेमाल होने वाली DRAM (Dynamic Random Access Memory) की कीमतें वर्ष 2026 की पहली तिमाही में लगभग 98 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। इंडस्ट्री ट्रैकर TrendForce का अनुमान है कि चालू तिमाही में भी इनमें 58 से 63 प्रतिशत तक और वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञ इस स्थिति को “RAM-Armageddon” नाम दे रहे हैं, क्योंकि इससे पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री प्रभावित हो रही है।

गैजेट्स बाजार पर पड़ेगा बड़ा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लागत का सीधा असर इस वर्ष स्मार्टफोन और पीसी की बिक्री पर दिखाई देगा। IDC के अनुसार 2026 में स्मार्टफोन बाजार में करीब 14 प्रतिशत तक की सालाना गिरावट संभव है, जबकि पीसी मार्केट में भी लगभग 11.3 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है। यदि AI चिप्स की मांग इसी तरह बढ़ती रही और सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले समय में केवल एपल ही नहीं बल्कि अन्य बड़ी टेक कंपनियों के उत्पाद भी और महंगे हो सकते हैं।

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