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IBJA Gold Silver Price : सोना-चांदी खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! 3 दिन में चांदी ₹22 हजार सस्ती

IBJA Gold Silver Price

IBJA Gold Silver Price : सर्राफा बाजार में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज नरमी ने निवेशकों और खरीदारी की योजना बना रहे लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गुरुवार, 25 जून को सोने और चांदी दोनों के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। खास बात यह है कि चांदी महज तीन दिनों में 22 हजार रुपए प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है, जबकि सोना भी लगातार दबाव में बना हुआ है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक किलोग्राम चांदी की कीमत में आज 6,550 रुपए की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव घटकर 2.15 लाख रुपए प्रति किलोग्राम रह गया। दूसरी ओर 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने का भाव 2,156 रुपए टूटकर 1.40 लाख रुपए पर पहुंच गया। IBJA Gold Silver Price इससे पहले सोना 1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। केवल तीन कारोबारी दिनों के भीतर ही चांदी करीब 22 हजार रुपए प्रति किलो तक सस्ती हो गई है। यदि पूरे जून महीने की बात करें तो चांदी के भाव में लगभग 48 हजार रुपए प्रति किलोग्राम की कमी आ चुकी है। 1 जून को चांदी का भाव करीब 2.63 लाख रुपए प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर 2.15 लाख रुपए पर आ गया है। इस प्रकार एक महीने से भी कम समय में चांदी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। IBJA Gold Silver Price

सोना भी जून में ₹16 हजार सस्ता हुआ

Gold Price Falls Today सोने की कीमतों में भी लगातार कमजोरी बनी हुई है। जून की शुरुआत में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जबकि अब यह घटकर 1.40 लाख रुपए पर पहुंच गया है। यानी इस महीने सोना करीब 16 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में आए बदलाव और सुरक्षित निवेश की मांग घटने के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आया सोना

Silver Price Drops 2026 वर्ष 2026 के दौरान सोने की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद लगातार तेजी के चलते 29 जनवरी 2026 को सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। हालांकि जनवरी में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद से सोने में लगातार मुनाफावसूली और वैश्विक परिस्थितियों के बदलाव का असर देखने को मिला। नतीजतन अब सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 36 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ चुका है।

25 जून 2026: सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)

कैरेटकीमत (₹)
14 कैरेट₹81,913
18 कैरेट₹1,05,017
22 कैरेट₹1,28,260
24 कैरेट₹1,40,022

प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)

शहरकीमत (₹)
जयपुर₹1,40,280
दिल्ली₹1,40,280
लखनऊ₹1,40,280
पटना₹1,40,180
अहमदाबाद₹1,40,180
भोपाल₹1,40,180
मुंबई₹1,40,130
रायपुर₹1,40,130
कोलकाता₹1,40,130

चांदी में 147 दिनों में ₹1.70 लाख की गिरावट

Silver Rate Today 1 Kg चांदी की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही है। वर्ष 2025 के अंत में चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। इसके बाद तेजी के दौर में 29 जनवरी 2026 को चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक उच्च स्तर छू लिया था। लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में जबरदस्त बिकवाली शुरू हुई। वर्तमान में चांदी का भाव घटकर 2.15 लाख रुपए प्रति किलोग्राम रह गया है। इस तरह महज 147 दिनों के भीतर चांदी करीब 1.70 लाख रुपए प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।

आखिर क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

1. अमेरिका-ईरान तनाव में कमी

Gold Investment News 2026 : विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते का असर सीधे कीमती धातुओं पर पड़ा है। जब वैश्विक स्तर पर तनाव कम होता है तो निवेशक सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बनाकर शेयर बाजार और अन्य निवेश साधनों की ओर रुख करने लगते हैं। इसी वजह से हाल के दिनों में सोने और चांदी की मांग में कमी आई है।

2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम है। कुछ विशेषज्ञ तो यह भी मान रहे हैं कि फेड भविष्य में दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों में निवेश घटने लगता है।

3. डॉलर इंडेक्स में मजबूती

फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में डॉलर मजबूत होने का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने पर आमतौर पर कीमती धातुओं की कीमतें कमजोर पड़ जाती हैं और यही स्थिति फिलहाल देखने को मिल रही है।

4. रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली

जनवरी में सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। इतनी बड़ी तेजी के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। भारी बिकवाली के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा और दाम तेजी से नीचे आने लगे।

5. गोल्ड और सिल्वर ETF में बिकवाली

सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की मांग कम होने से गोल्ड और सिल्वर ETF में भी बिकवाली बढ़ी है। बाजार रिपोर्ट्स के अनुसार सिल्वर ETF में लगभग 6 प्रतिशत और गोल्ड ETF में करीब 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।

इसका असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

यदि आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

BIS हॉलमार्क जरूर जांचें

हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। प्रत्येक प्रमाणित आभूषण पर एक यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड अंकित होता है, जिससे उसकी गुणवत्ता की पुष्टि की जा सकती है।

कीमत की जांच करें

खरीदारी से पहले सोने का भाव विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं, इसलिए शुद्धता के अनुसार कीमत की तुलना करना जरूरी है।

असली चांदी की पहचान कैसे करें?

मैग्नेट टेस्ट

असली चांदी चुंबक को आकर्षित नहीं करती। यदि चांदी चुंबक से चिपक जाए तो उसके नकली होने की संभावना रहती है।

आइस टेस्ट

चांदी ऊष्मा की बहुत अच्छी चालक होती है। इसलिए उस पर रखी बर्फ सामान्य धातुओं की तुलना में तेजी से पिघलती है।

स्मेल टेस्ट

असली चांदी में किसी प्रकार की गंध नहीं होती। यदि धातु से तांबे जैसी गंध आए तो उसकी शुद्धता संदिग्ध हो सकती है।

कपड़ा टेस्ट

सफेद कपड़े से चांदी को रगड़ने पर यदि हल्का काला निशान दिखाई दे तो यह उसकी वास्तविकता का संकेत माना जाता है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और डॉलर की चाल सोने-चांदी की दिशा तय करेंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और कम होता है तथा डॉलर मजबूत बना रहता है तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना जरूरी होगा।

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