
Bank Loan EMI : देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank द्वारा MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में बढ़ोतरी किए जाने के बाद अब कई अन्य सरकारी और निजी बैंकों ने भी अपनी ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक EMI पर पड़ेगा। ऐसे में नए और मौजूदा दोनों तरह के ग्राहकों को पहले के मुकाबले अधिक ब्याज चुकाना पड़ सकता है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा है, लेकिन बैंकों की बढ़ती फंडिंग लागत और जमा राशि पर बढ़ते ब्याज के दबाव के कारण कई बैंकों ने अपने MCLR में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
Home Loan EMI Calculator : HDFC Bank ने अपने MCLR में 5 से 10 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी की है। बैंक का एक साल का MCLR, जिससे अधिकांश होम लोन और अन्य रिटेल लोन जुड़े होते हैं, 8.35 फीसदी से बढ़कर 8.40 फीसदी हो गया है। वहीं दो साल की अवधि वाले MCLR में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद यह 8.55 फीसदी पर पहुंच गया है। नई दरें 8 जून 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं। सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपनी MCLR दरों में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है। बैंक का एक साल का MCLR 8.70 फीसदी से बढ़कर 8.75 फीसदी हो गया है। इसके अलावा छह महीने का MCLR 8.45 फीसदी से बढ़कर 8.50 फीसदी और तीन महीने का MCLR 8.15 फीसदी से बढ़कर 8.20 फीसदी कर दिया गया है। एक महीने और एक दिन की अवधि वाले MCLR में भी 5 बेसिस पॉइंट का इजाफा किया गया है।
Canara Bank ने भी बढ़ाए रेट
केनरा बैंक ने भी अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। बैंक का एक दिन का MCLR 7.90 फीसदी से बढ़कर 7.95 फीसदी हो गया है। एक महीने का MCLR 8.00 फीसदी, तीन महीने का 8.25 फीसदी और छह महीने का MCLR 8.60 फीसदी कर दिया गया है। नई दरें बैंक की वित्तीय समीक्षा के बाद लागू की गई हैं।
Indian Bank और Bank of India ने भी किया बदलाव
इंडियन बैंक (Indian Bank)- इंडियन बैंक ने अपने 1 साल के MCLR रेट को 10 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 8.55% कर दिया है, जो पहले 8.75% था.
बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)- बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने 1 साल का MCLR 8.75% कर दिया है.

HDFC Bank ने बढ़ाई ब्याज दरें
Personal Loan EMI : HDFC Bank ने अपने MCLR में 5 से 10 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी की है। बैंक का एक साल का MCLR, जिससे अधिकांश होम लोन और अन्य रिटेल लोन जुड़े होते हैं, 8.35 फीसदी से बढ़कर 8.40 फीसदी हो गया है। वहीं दो साल की अवधि वाले MCLR में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद यह 8.55 फीसदी पर पहुंच गया है। नई दरें 8 जून 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं।
Bank of Baroda ने भी किया संशोधन
EMI Calculator : सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपनी MCLR दरों में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है। बैंक का एक साल का MCLR 8.70 फीसदी से बढ़कर 8.75 फीसदी हो गया है। इसके अलावा छह महीने का MCLR 8.45 फीसदी से बढ़कर 8.50 फीसदी और तीन महीने का MCLR 8.15 फीसदी से बढ़कर 8.20 फीसदी कर दिया गया है। एक महीने और एक दिन की अवधि वाले MCLR में भी 5 बेसिस पॉइंट का इजाफा किया गया है।

ग्राहकों पर क्या होगा असर?
Bank Interest Rate : अगर आपका होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन MCLR आधारित फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़ा हुआ है, तो लोन की अगली रीसेट डेट आने पर आपकी मासिक EMI बढ़ सकती है। यदि बैंक EMI नहीं बढ़ाता है तो लोन की अवधि लंबी हो सकती है, जिससे कुल ब्याज भुगतान बढ़ जाएगा। वहीं नए ग्राहकों को भी अब पहले की तुलना में अधिक ब्याज दरों पर लोन मिलने की संभावना है।
FAQs : प्रश्न और उत्तर
1. MCLR क्या होता है?
उत्तर: MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) वह न्यूनतम ब्याज दर है, जिस पर बैंक ग्राहकों को लोन प्रदान करते हैं। MCLR बढ़ने से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI बढ़ सकती है।
2. किन बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है?
उत्तर: HDFC Bank के अलावा Bank of Baroda, Canara Bank, Indian Bank और Bank of India ने भी अपने MCLR में बढ़ोतरी की है।
3. क्या होम लोन की EMI बढ़ जाएगी?
उत्तर: अगर आपका होम लोन फ्लोटिंग ब्याज दर (Floating Interest Rate) पर आधारित है, तो रीसेट डेट आने पर आपकी EMI बढ़ सकती है।
4. क्या नए ग्राहकों को महंगा लोन मिलेगा?
उत्तर: हां, ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद नए ग्राहकों को होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पहले की तुलना में अधिक ब्याज दर पर मिल सकते हैं।
5. RBI ने रेपो रेट में क्या बदलाव किया है?
उत्तर: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है।
6. MCLR बढ़ने से किस प्रकार के लोन प्रभावित होते हैं?
उत्तर: होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले लोन MCLR बढ़ने से प्रभावित होते हैं।
7. क्या फिक्स्ड रेट लोन लेने वालों पर असर पड़ेगा?
उत्तर: नहीं, फिक्स्ड रेट (Fixed Rate) पर लिए गए लोन की EMI पर ब्याज दरों में बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ता।
8. EMI बढ़ने के बजाय क्या लोन की अवधि बढ़ सकती है?
उत्तर: हां, कई मामलों में बैंक EMI बढ़ाने के बजाय लोन की अवधि (Tenure) बढ़ा देते हैं, जिससे कुल ब्याज भुगतान बढ़ जाता है।
9. HDFC Bank का नया 1 साल का MCLR कितना है?
उत्तर: HDFC Bank का 1 साल का MCLR बढ़कर 8.40% हो गया है।
10. Bank of Baroda का 1 साल का MCLR कितना है?
उत्तर: Bank of Baroda का 1 साल का MCLR बढ़कर 8.75% हो गया है।
11. Canara Bank का नया MCLR कितना है?
उत्तर: Canara Bank ने विभिन्न अवधि के MCLR में 5 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी की है।
12. क्या 2026 में होम लोन और महंगे हो सकते हैं?
उत्तर: अगर बैंक अपनी फंडिंग कॉस्ट के दबाव में आगे भी ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो होम लोन और महंगे हो सकते हैं।
13. फ्लोटिंग रेट और फिक्स्ड रेट लोन में क्या अंतर है?
उत्तर: फ्लोटिंग रेट लोन में ब्याज दर समय-समय पर बदलती रहती है, जबकि फिक्स्ड रेट लोन में ब्याज दर पूरे कार्यकाल के दौरान समान रहती है।
14. Bank Loan EMI : EMI कम करने के लिए क्या करें?
- अधिक डाउन पेमेंट करें।
- लोन का प्रीपेमेंट करें।
- कम ब्याज दर वाले बैंक में बैलेंस ट्रांसफर करवाएं।
- लोन की अवधि बढ़ाने का विकल्प चुनें।
15. क्या सभी बैंकों की EMI बढ़ेगी?
उत्तर: जरूरी नहीं। हर बैंक अपनी फंडिंग लागत और नीतियों के आधार पर ब्याज दरों में बदलाव करता है।

















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