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Telegram Unbanned : 7 दिन बाद लौटा Telegram! सरकार ने हटाया बैन, लेकिन यूजर्स के लिए रखी बड़ी शर्त

Telegram Unbanned

Telegram Unbanned : देशभर में लाखों यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की सेवाएं सात दिनों के प्रतिबंध के बाद एक बार फिर बहाल कर दी गई हैं। NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और फर्जी प्रश्नपत्रों के प्रसार को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी थी। अब प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद टेलीग्राम दोबारा सक्रिय हो गया है और गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध हो गया है।

हालांकि, सेवाएं बहाल होने के शुरुआती दौर में कई यूजर्स को तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने शिकायत की कि वे ऐप डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं, जबकि कई यूजर्स को साइन-अप और लॉगिन में दिक्कतें आईं। कुछ मामलों में चैट हिस्ट्री और ग्रुप्स तक पहुंच भी प्रभावित रही। यह समस्या जियो और एयरटेल दोनों नेटवर्क के उपयोगकर्ताओं के बीच देखी गई। वहीं, आईफोन यूजर्स के लिए भी कुछ समय तक ऐप स्टोर पर टेलीग्राम उपलब्ध नहीं था। मंगलवार देर Telegram Unbanned रात टेलीग्राम की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर बताया गया कि भारत में प्लेटफॉर्म की सभी प्रमुख सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं। इसके बाद अधिकांश यूजर्स के लिए ऐप फिर से सुचारू रूप से काम करने लगा। भले ही टेलीग्राम की सेवाएं दोबारा शुरू हो गई हों, लेकिन सरकार ने कंपनी को कुछ अतिरिक्त निर्देश भी दिए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मैसेज एडिटिंग फीचर को अस्थायी रूप से बंद रखना है। सरकारी निर्देशों के अनुसार 30 जून तक यूजर्स किसी भी भेजे गए मैसेज को एडिट नहीं कर पाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम परीक्षा से जुड़ी गलत सूचनाओं, फर्जी प्रश्नपत्रों और भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि मैसेज एडिटिंग फीचर का दुरुपयोग कर कई बार सामग्री को बदलकर भ्रम फैलाया जा सकता है। Telegram Unbanned

आखिर सरकार ने टेलीग्राम पर प्रतिबंध क्यों लगाया?

Telegram news : केंद्र सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। सरकार का आरोप था कि NEET परीक्षा से संबंधित फर्जी पेपर, कथित लीक सामग्री और भ्रामक सूचनाएं टेलीग्राम के विभिन्न चैनलों और ग्रुप्स के माध्यम से तेजी से प्रसारित की जा रही थीं। सरकार का कहना था कि प्लेटफॉर्म इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहा। ऐसे में परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अस्थायी प्रतिबंध आवश्यक था। 21 जून को आयोजित री-एग्जाम के दौरान यह रोक जारी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार पुनर्परीक्षा के दौरान किसी बड़े व्यवधान या पेपर लीक की सूचना सामने नहीं आई, जिसे प्रतिबंध के सकारात्मक परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सरकार के फैसले को माना उचित

Telegram India Latest Update टेलीग्राम ने सरकार के इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनी का तर्क था कि प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के निर्णय को उचित ठहराया। अदालत ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में परीक्षा के दौरान आवश्यक प्रतिबंध लगाना सरकार का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी माना कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम सार्वजनिक हित में हैं। इसके साथ ही अदालत ने टेलीग्राम की दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

टेलीग्राम पर कार्रवाई हुई, लेकिन वॉट्सएप पर क्यों नहीं?

NEET Exam Telegram Ban इस पूरे विवाद के दौरान एक बड़ा सवाल सामने आया कि जब सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर गलत सूचनाएं फैल सकती हैं, तो केवल टेलीग्राम पर ही कार्रवाई क्यों की गई? विशेषज्ञों के अनुसार टेलीग्राम और वॉट्सएप की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण अंतर है। टेलीग्राम पर यूजर मोबाइल नंबर छिपाकर केवल यूजरनेम के माध्यम से भी सक्रिय रह सकता है, जबकि वॉट्सएप पर मोबाइल नंबर आधारित पहचान अनिवार्य होती है। इसके अलावा टेलीग्राम पर लाखों सदस्यों वाले सार्वजनिक चैनल और बड़े ग्रुप बनाए जा सकते हैं, जिससे किसी भी सामग्री का तेजी से प्रसार संभव हो जाता है। वहीं वॉट्सएप में ग्रुप सदस्यों की संख्या सीमित होती है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि टेलीग्राम पर पहचान छिपाकर संचालित होने वाले कई चैनलों के जरिए परीक्षा संबंधी सामग्री तेजी से वायरल हुई थी। यही वजह रही कि अस्थायी रूप से इस प्लेटफॉर्म को निशाने पर लिया गया।

टेलीग्राम और वॉट्सएप में प्रमुख अंतर

  • Telegram News Today वॉट्सएप में मोबाइल नंबर से पहचान अनिवार्य होती है, जबकि टेलीग्राम पर यूजरनेम के जरिए पहचान छिपाई जा सकती है।
  • वॉट्सएप ग्रुप की सदस्य संख्या सीमित होती है, जबकि टेलीग्राम पर विशाल चैनल और बड़े समुदाय बनाए जा सकते हैं।
  • वॉट्सएप भारत के नियमों के तहत कई स्तरों पर सहयोग करता है, जबकि टेलीग्राम को लेकर समय-समय पर निगरानी और अनुपालन से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।
  • बड़े पैमाने पर कंटेंट प्रसार की क्षमता के कारण टेलीग्राम पर फर्जी सूचनाओं के वायरल होने की संभावना अधिक मानी जाती है।

क्या है पूरा मामला?

NEET परीक्षा को लेकर हाल के महीनों में पेपर लीक और फर्जी प्रश्नपत्रों की चर्चा ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी। जांच एजेंसियों को संदेह था कि टेलीग्राम के कई चैनलों के माध्यम से परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध सामग्री प्रसारित की जा रही है। इसी के चलते सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगा दी थी। अब प्रतिबंध हटने के बाद टेलीग्राम फिर से सामान्य रूप से उपलब्ध है, लेकिन सरकार और जांच एजेंसियां अभी भी प्लेटफॉर्म की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

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