
National Horticulture Mission subsidy update 2026 : किसानों की आय बढ़ाने और Horticulture Farming को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) के तहत National Horticulture Mission (NHM) की नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इस नई गाइडलाइन में किसानों को बागवानी के लिए मिलने वाली subsidy amount को बढ़ाकर ₹50,000 प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है, जो पहले ₹30,000 थी। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास कम जमीन है, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम Fruit Farming, Drip Irrigation System और High Value Crop Cultivation को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इससे किसानों को Low Investment में High Profit Farming का मौका मिलेगा और उनकी Farm Income Increase करने में मदद मिलेगी।
Horticulture subsidy 50000 per hectare : अगर आप किसान हैं और Fruit Farming Subsidy, Horticulture Scheme, या Government Subsidy for Farmers का लाभ लेना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। National Horticulture Mission के तहत मिलने वाली ₹50,000 subsidy से आप कम लागत में बागवानी शुरू कर सकते हैं और भविष्य में लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं। सरकार की यह योजना न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि भारत को Global Fruit Export Hub बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
किन फसलों पर मिलेगा ₹50,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान
नई गाइडलाइन के तहत अब किसान कई प्रकार के फलदार पौधों की खेती पर सब्सिडी ले सकते हैं। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- आम (Mango Farming)
- अमरूद (Guava Farming)
- नींबू (Lemon Farming)
- मौसमी (Mosambi Farming)
- संतरा (Orange Farming)
- किन्नू (Kinnow Farming)
- अनार (Pomegranate Farming)
इन फसलों के नए बगीचे लगाने पर किसानों को ₹50,000 per hectare subsidy मिलेगी। इसके अलावा पपीता, बेल, बेर, आंवला, जामुन, करौंदा और कटहल जैसी High Demand Fruit Crops पर भी अधिक अनुदान दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन फसलों की खेती से किसान Long Term Income Source बना सकते हैं और Agri Business Model विकसित कर सकते हैं।
अब 2 हेक्टेयर वाले किसान भी ले सकेंगे योजना का लाभ
Government subsidy : पहले इस योजना में अधिकतम 4 हेक्टेयर भूमि पर ही subsidy eligibility थी, लेकिन नई गाइडलाइन में बदलाव करते हुए इसे 2 हेक्टेयर तक सीमित किया गया है ताकि छोटे और मध्यम किसान भी इस योजना से जुड़ सकें।
नई पात्रता के अनुसार:
- न्यूनतम भूमि: 0.2 हेक्टेयर
- अधिकतम भूमि: 2 हेक्टेयर
इस बदलाव से राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के लाखों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
ड्रिप इरिगेशन अनिवार्य, बिना इसके नहीं मिलेगा अनुदान
नई गाइडलाइन के अनुसार Drip Irrigation System लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम Water Conservation in Agriculture और Modern Farming Techniques को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
ड्रिप सिस्टम के फायदे:
- पानी की बचत 50% तक
- पौधों की बेहतर ग्रोथ
- उत्पादन में वृद्धि
- लागत में कमी
यदि किसान ड्रिप सिस्टम नहीं लगाएगा, तो उसे NHM subsidy benefit नहीं मिलेगा।
दो चरणों में मिलेगी subsidy amount
Raj Kisan Saathi Portal subsidy : सरकार द्वारा दी जाने वाली subsidy किसानों के बैंक खाते में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।
सब्सिडी भुगतान का तरीका:
- पहले साल: 60% subsidy
- दूसरे साल: 40% subsidy
लेकिन दूसरे साल की subsidy तभी मिलेगी जब खेत में लगाए गए 80% पौधे जीवित पाए जाएंगे।
Online application करना होगा जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को Raj Kisan Saathi Portal या संबंधित राज्य के Agriculture Department Portal पर जाकर online application for horticulture subsidy करना होगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज:
- Soil Test Report
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- भूमि दस्तावेज
- पौध खरीद बिल
मिट्टी की जांच में यह भी जरूरी है कि खेत की मिट्टी कम से कम 5 फीट गहरी और बागवानी के लिए उपयुक्त हो।
अधिकृत नर्सरी से ही खरीदने होंगे पौधे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसान केवल इन संस्थानों से पौधे खरीद सकते हैं:
- कृषि विश्वविद्यालय (Agriculture University)
- कृषि विज्ञान केंद्र (KVK)
- सरकारी नर्सरी
- अधिकृत निजी नर्सरी
इससे किसानों को Quality Plant Material मिलेगा और उत्पादन बेहतर होगा।
बाग में सूचना बोर्ड लगाना भी जरूरी
Subsidy approval के लिए किसान को अपने बाग में एक Information Board लगाना होगा जिसमें लिखा होगा:
- किसान का नाम
- फसल का नाम
- क्षेत्रफल
- वर्ष
यह सरकार द्वारा योजना की निगरानी के लिए जरूरी है।

किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी योजना
राजसमंद के सहायक कृषि अधिकारी मथुरालाल कुमावत के अनुसार:
नई गाइडलाइन से कम जमीन वाले किसानों को भी अच्छी आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे बागवानी क्षेत्र में नवाचार बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार Horticulture Farming India आज के समय में सबसे ज्यादा profitable farming business बनता जा रहा है।
2026 का बड़ा अपडेट: सरकार का horticulture sector पर फोकस बढ़ा
2025-26 के केंद्रीय बजट में भी सरकार ने Agriculture Infrastructure, Micro Irrigation, और Horticulture Development पर विशेष जोर दिया है।
सरकार का लक्ष्य:
- किसानों की आय दोगुनी करना
- Export Quality Fruits का उत्पादन बढ़ाना
- Modern Farming को बढ़ावा देना
भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Fruit Producer Country बन चुका है।
किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है यह योजना
National Horticulture Mission के प्रमुख लाभ:
✔ ₹50,000 प्रति हेक्टेयर subsidy
✔ Long term income source
✔ कम लागत में ज्यादा मुनाफा
✔ Export opportunity
✔ Water saving technology
यह योजना किसानों के लिए Best Government Scheme for Farmers 2026 मानी जा रही है।










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