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New Income Tax Draft Rules 2026 : ₹20 लाख तक की प्रॉपर्टी पर PAN जरूरी नहीं? सरकार का बड़ा टैक्स प्लान!

New Income Tax Draft Rules 2026

New Income Tax Draft Rules 2026 : इनकम टैक्स विभाग ने प्रस्तावित Income Tax Rules, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त से जुड़े नियमों में अहम बदलाव सुझाए गए हैं। सबसे बड़ा प्रस्ताव यह है कि ₹20 लाख तक की अचल संपत्ति (Immovable Property) की डील पर PAN (Permanent Account Number) देना अनिवार्य नहीं होगा

यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप से नोटिफाई हो जाता है, तो नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जा सकते हैं।

अभी क्या है नियम?

PAN requirement property purchase : वर्तमान प्रावधानों के तहत यदि कोई व्यक्ति घर, प्लॉट या अन्य अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री करता है और उसकी ट्रांजेक्शन वैल्यू ₹10 लाख से अधिक है, तो उसे अपना PAN डिटेल्स देना अनिवार्य होता है। यह नियम टैक्स ट्रैकिंग, ट्रांसपेरेंसी और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू किया गया था।

क्या बदल सकता है?

property transaction PAN limit 20 lakh : ड्राफ्ट Income Tax Rules, 2026 में इस सीमा को बढ़ाकर ₹20 लाख करने का प्रस्ताव रखा गया है।
यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो:

  • ₹20 लाख से कम की प्रॉपर्टी डील पर PAN देना जरूरी नहीं होगा
  • छोटी वैल्यू की संपत्ति खरीदने वाले खरीदारों को राहत मिलेगी
  • डॉक्यूमेंटेशन और कंप्लायंस का बोझ कम होगा

हालांकि, ₹20 लाख से अधिक की डील पर PAN अनिवार्य रहेगा।

सरकार क्यों ला रही है यह बदलाव?

Income Tax new rules April 2026 : टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट मार्केट में संपत्तियों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई छोटे शहरों और कस्बों में भी अब ₹10 लाख की सीमा बहुत कम मानी जाती है।

Basic Home Loan के CEO अतुल मोंगा के अनुसार, PAN डिस्क्लोजर की थ्रेसहोल्ड बढ़ाने से छोटे और मध्यम वर्ग के खरीदारों को फायदा होगा, खासकर उन इलाकों में जहां संपत्ति की कीमतें मेट्रो शहरों से कम हैं लेकिन फिर भी ₹10 लाख से ऊपर रहती हैं।

गिफ्ट और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट भी दायरे में

PAN mandatory for property sale India : ड्राफ्ट नियमों में केवल खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य ट्रांजेक्शन को भी शामिल करने का प्रस्ताव है:

  • Gift Deed के जरिए प्रॉपर्टी ट्रांसफर
  • Joint Development Agreement (JDA)

यदि इनकी वैल्यू तय सीमा से अधिक होती है, तो PAN कंप्लायंस लागू रहेगा। इससे टैक्स डिपार्टमेंट को हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी।

अभी अंतिम फैसला नहीं

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नियम फिलहाल ड्राफ्ट स्टेज में हैं।
सरकार ने स्टेकहोल्डर्स, रियल एस्टेट इंडस्ट्री, टैक्स प्रोफेशनल्स और आम नागरिकों से फीडबैक मांगा है।

फीडबैक की समीक्षा के बाद:

  • ड्राफ्ट में संशोधन हो सकता है
  • सीमा में बदलाव संभव है
  • कुछ अतिरिक्त शर्तें जोड़ी जा सकती हैं

अंतिम नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि नियम किस रूप में लागू होंगे।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

यदि प्रस्तावित बदलाव लागू हो जाता है, तो:

✔ छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदना आसान होगा
✔ पहली बार घर खरीदने वालों को राहत मिलेगी
✔ छोटे निवेशकों के लिए कंप्लायंस कम जटिल होगा

लेकिन विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अन्य KYC नियम और बैंकिंग ट्रैकिंग सिस्टम पहले की तरह लागू रहेंगे।

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